आरएसएस प्रचारक सैलरी कितनी होती है? | आरएसएस से जुड़ने के फायदे क्या है?

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अगर आप यह जानना चाहते हैं कि RSS संगठन में जुड़ने वाले व्यक्ति की सैलरी कितनी होती है मतलब की आरएसएस प्रचारक सैलरी कितनी होती है तो यह पोस्ट आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है क्योंकि इस पोस्ट में हमने इस संगठन आरएसएस के बारे में पूरी विस्तार से चर्चा किए हैं कि आप इस संगठन में कैसे जुड़ सकते हैं, क्या सैलरी होगी, और आरएसएस से जुड़ने के फायदे क्या होंगे, तो इस प्रकार के विषयों पर यदि आप जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो इस पोस्ट पर अंत तक जुड़े रहें। 

आरएसएस प्रचारक सैलरी कितनी होती है?

RSS का मुख्य लक्ष्य पूरे भारत को संगठन के मूल्यों, राष्ट्रीयता के महत्व, धर्म, संस्कृति, इतिहास, एकता और सेवा की भावनाओं को प्रचारित करने के लिए है और इस लक्ष्य को पूरा करने वाला RSS के सदस्य अपनी पूरी निःस्वार्थ भाव से इसे पुरा भी करते है और इसके बदले उन्हें कोई धनराशि या सैलरी नहीं दी जाती है क्योंकि इस संगठन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए हिंदू समुदाय को एकजुट करना है जो लोग अपनी इच्छा अनुसार इस कार्य में शामिल होते हैं। 

जबकि RSS के प्रमुख श्रीमान मोहन भागवत ने कहा था कि “कोई भी व्यक्ति यह सोचकर इस संगठन में न जुड़े की इससे कोई लाभ मिलने वाला है”

RSS क्या होता है? 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh), जिसे आमतौर पर RSS के रूप में जाना जाता है, यह पूरे विश्व की सबसे बड़ी एक हिंदू राष्ट्रवादी स्वयंसेवी गैर सरकारी संगठन है जो भारत में स्थापित है। 

यह संगठन 27 सितंबर 1925 में विजयादशमी के मौके पर केशव बालराम हेगड़ेवार द्वारा नागपुर, महाराष्ट्र में स्थापित किया गया था। RSS की स्थापना का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सामरिक योग्यता और सामाजिक उन्नति के लिए किया गया था। 

आरएसएस के कार्य क्या है? 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का कार्य निम्नलिखित कार्यों पर आधारित होता है :

  1. शिक्षा और प्रशिक्षण : RSS अपने सदस्य को शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण प्रदान करता है अर्थात उन्हे स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों, सामरिकता और सामाजिक कौशलों का विकास करता है।
  2. स्वयंसेवा : स्वयंसेवा RSS का महत्वपूर्ण कार्य होता है वे निःस्वार्थ रूप से समाज की सेवा में लगे रहे और समाज की समस्याओं का समाधान करने के लिए हर वक्त तत्पर रहे।
  3. संगठन और प्रचार : RSS संगठन और प्रचार के माध्यम से राष्ट्रीयता, धर्म, संस्कृति, इतिहास, एकता, सेवा और भारतीय मूल्यों को प्रशंसा करते है। 
  4. सामरिकता का विकास : RSS सामरिकता के विकास को प्राथमिकता देता है। संगठन युवाओं को सामरिक योग्यता और आत्मविश्वास के साथ सशक्त बनाने के लिए शारीरिक प्रशिक्षण, खेल-कूद और सामरिक कार्यक्रम आयोजित करता है।

RSS कैसे ज्वाइन करें? | RSS ID Card Online Apply in Hindi

अगर आप भारत के राष्ट्रीयता, धर्म, संस्कृति, इतिहास, एकता, सेवा और भारतीय मूल्यों को बचाने के लिए निःस्वार्थ रूप से काम करना चाहते हैं तो आप RSS को ज्वाइन कर सकते हैं इसके लिए आपके पास दो ऑप्शन है

  1. ऑनलाइन
  2. ऑफलाइन

1. ऑनलाइन

ऑनलाइन के द्वारा आप RSS को ज्वाइन कर सकते हैं इसके लिए आपको अपने गूगल में RSS के ऑफिशियल वेबसाइट को खोलना है और वेबसाइट खोलने के बाद आपके सामने एक फॉर्म खुलकर आएगी आप उस फॉर्म को भरेंगे। 

फॉर्म भरने के बाद आपके पास RSS के द्वारा एक कॉल या ईमेल की जाएगी जिसके बाद आपको आपके नजदीकी RSS शाखा से संपर्क करवा दिया जाएगा जहां पर आप जाकर RSS के मेंबर बन सकते हैं। 

2. ऑफलाइन

ऑफलाइन के द्वारा भी आप RSS को ज्वाइन कर सकते हैं, इसके लिए आप सिंपल गूगल में जाएं वहां पर सर्च करें “RSS Office Near Me” तो आपके सामने गूगल मैप के द्वारा कई सारे RSS Office दिखाई जाएंगी जो आपके नजदीकी किसी शहर की होगी। 

तो आप RSS Office की Address को फॉलो करते हुए उस ऑफिस पर विजिट करके वहां पर RSS जॉइन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 

आरएसएस में किस प्रकार के लोग जुड़ सकते हैं?

आरएसएस में बच्चे से लेकर बूढ़े तक सभी जुड़ सकते हैं वैसे आरएसएस में चार तरह के लोग जुड़ते हैं :

  1. शिशु स्वयंसेवक : शिशु स्वयंसेवक में 6 से 10 वर्ष के बच्चे जुड़ते हैं।
  2. बाल स्वयंसेवक : बाल स्वयंसेवक में 10 से 14 वर्ष के बच्चे जुड़ते हैं।
  3. तरुण स्वयंसेवक : तरुण स्वयंसेवक में 14 से 28 वर्ष के लोग जुड़ते हैं।
  4. प्रौढ़ स्वयंसेवक : प्रौढ़ स्वयंसेवक में 28 वर्ष से ज्यादा के लोग आरएसएस में जुड़ते हैं।

आरएसएस में जुड़ने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

आरएसएस में जुड़ने के लिए कोई विशेष प्रकार की योग्यता की आवश्यकता नहीं होती है सिर्फ आपके अंदर देशभक्ति की भावना, समाज की सेवा करने, संस्कृति को बचाने हेतु आपके अंदर वह गुण होने चाहिए।

आरएसएस से जुड़ने के फायदे क्या है? 

सबसे पहली बात आपको बता दें कि इस संगठन में जुड़ने के बाद कोई भी धनराशि नहीं मिलेगी जैसे कंपनी में सैलरी मिलती है इसमें व्यक्ति अपने धर्म, समाज की सेवा एवं संस्कृति से भावुक होकर निस्वार्थ रूप से जुड़ते हैं। इसके अलावा आरएसएस से जुड़ने के कई सारे फायदे हैं जिनमें से कुछ है :

  • आरएसएस से जुड़ने के बाद आप जाति भेदभाव करना भूल जाएंगे और यही हमारे भारत की एकता की पहचान होती है।
  • आप इस संगठन में सीखेंगे की किस तरह से प्रकृति आपदाओं में लोगों की मदद की जाती है क्योंकि आरएसएस का एक लक्ष्य भी है कि लोगों को प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा करें।
  • इसमें जुड़ने के बाद आपको अपनी महान संस्कृति और इतिहास पर गर्व होगा।
  • आप संस्था में जब जुड़ जाएंगे तब आपको कई प्रकार के विचारधारा लोगों से मिलेंगे तो आपका भी विचार विकसित होगा। 
  • आरएसएस में गरीब असहाय लोगों को मदद के लिए प्रेरित किया जाता तो आप उन लोगों को मदद करके पुण्य कमा सकते हैं। 
  • आपको मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के लिए कई सारे फिजिकल एक्टिविटी करवाई जाएगी जैसे कि कबड्डी, योगा और अन्य खेलकूद आदि।

आरएसएस के कितने संगठन है?

RSS एक तरह का संघ परिवार है जो इस संघ परिवार का हेड है जो लगभग 50 से भी अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसके अंदर कई प्रकार के संगठन आते हैं जिनमें से मुख्य संगठनों के नाम है :

  • भारतीय जनता पार्टी
  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्
  • बजरंग दल
  • विश्व हिन्दू परिषद
  • भारतीय मजदूर संघ
  • सेवा भारती
  • राष्ट्र सेविका समिति
  • विद्या भारती
  • राष्ट्रीय जनसंख्या नियंत्रण संघ
  • राष्ट्रीय शिक्षा विभाग
  • भारतीय विज्ञानिक एवं अनुसंधान परिषद
  • राष्ट्रीय वन्यजीव संघ
  • भारतीय राष्ट्रीय सेना सेवा संघ
  • भारतीय विद्यार्थी सेवा संघ
  • भारतीय ग्रामीण संघ

निष्कर्ष

दोस्तों, हमें उम्मीद है कि इस पोस्ट में दी गई जानकारी आरएसएस प्रचारक सैलरी कितनी होती है? | आरएसएस से जुड़ने के फायदे क्या है? आपके लिए बहुत ही जरूरतमंद साबित हुआ होगा और जानकारी अच्छी भी लगी होगी। अगर आपको जानकारी सही में उपयोगी लगा हो तो आप अपने दोस्तों को भी शेयर कर दें जो RSS में शामिल होने का चाहत रखते हैं और अगर किसी भी प्रकार का कोई प्रश्न हो या सुझाव हो तो आप बेझिझक होकर कमेंट करें हम आपके कमेंट का रिप्लाई जल्द से जल्द देने की कोशिश करेंगे।

धन्यवाद !

FAQ

Q1. क्या एक महिला आरएसएस ज्वाइन कर सकती है?

जी हां, जिस तरह पुरुष के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) है उसी तरह महिला के लिए आरएसएस के द्वारा संचालित राष्ट्र सेविका समिति है जिसे महिला ज्वाइन कर सकती है।

Q2. क्या मुस्लिम वर्ग के लोग आरएसएस को ज्वाइन कर सकते हैं?

जी हां, मुस्लिम वर्ग के लोग भी आरएसएस से जुड़ सकते हैं हालांकि, उनके लिए एक विशेष तौर पर संघ स्थापित किया गया जिसका नाम मुस्लिम राष्ट्रीय मंच है इस संगठन का नारा है की “ हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई ये आपस में भाई भाई ” और यह संगठन धर्मनिरपेक्ष भारत का समर्थन करता है। तो इस संगठन में मुस्लिम वर्ग के लोग शामिल हो सकते हैं।

Q3. क्या आरएसएस जॉइन करने के लिए कोई शुल्क लगती है?

नहीं, यह बिल्कुल नि:शुल्क होती है अर्थात आरएसएस जॉइन करने के लिए किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं देना होता है।

Q4. आरएसएस में जुड़ने के लिए क्या उम्र होनी चाहिए?

आरएसएस में जुड़ने के लिए कोई उम्र सीमा की आवश्यकता नहीं होती है।

Q5. RSS फुल फॉर्म क्या होता है?

RSS का फुल फॉर्म Rashtriya Swayamsevak Sangh होता है जिसका हिंदी में मतलब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ होता है।

Q6. rss से जुड़ने के लिए क्या करना होगा?

आरएसएस में जुड़ने के लिए आप अपने नजदीकी शहर के आरएसएस संस्था पर विजिट कर सकते हैं और आपको वहां पर आरएसएस मेंबर के लिए आवेदन करना है।

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