एनजीओ में पैसा कहां से आता है? जाने पूरी जानकारी के साथ

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हेलो दोस्तों, अपने टीवी, चैनलों, अखबारों और मोबाइलों में देखा होगा NGO द्वारा लोगों को मदद करते हुए,

लेकिन क्या आपने सोचा है कि एनजीओ में पैसा कहां से आता है तो यदि आप जानकारी लेना चाहते हैं तो इस पोस्ट को शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको NGO के ऊपर पूरी जानकारी देने वाले हैं।

एनजीओ में पैसा कहां से आता है? | NGO Ko Fund Kaise Milta Hai

कई लोगों को यह लगता है कि एनजीओ को सरकार फंड देती है और कई लोगों को यह भी लगता है कि एनजीओ का फंड विदेश से आता है तो चलिए जानते हैं क्या है असली सच्चाई?

देखिए, एनजीओ में पैसा दो माध्यमों से आता है :

  1. राष्ट्रीय अनुदान (National Funding)
  2. अंतर्राष्ट्रीय अनुदान (International Funding)

1. राष्ट्रीय अनुदान

पहला तरीका की एनजीओ में पैसा राष्ट्रीय अनुदान अर्थात अपने ही देश के सरकार, कंपनियों और लोगों के द्वारा प्राप्त होता है जिनमें से कुछ है :

(I) एनजीओ सदस्य के द्वारा

राष्ट्रीय अनुदान के अंतर्गत एनजीओ के खुद के जो सदस्य होते हैं वह अपनी तरफ से कुछ न कुछ एनजीओ में योगदान देते हैं,

हालांकि यह योगदान उतनी बड़ी नहीं होती है जिससे सामाजिक कल्याण या सोशल वर्क किया जा सके लेकिन एनजीओ अपनी ओर से पूरी कोशिश करती है कि हम जितना हो सके उतना योगदान दें पाएं।

(II) व्यक्तिगत अनुदान

व्यक्तिगत अनुदान का कहने का तात्पर्य यह है कि हमारे समाज में कई ऐसे लोग होते हैं जो समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं,

तो वैसे लोग एक सही प्लेटफॉर्म या साधन के तलाश में होते हैं कि हम उस प्लेटफार्म के जरिए गरीब और असहाय लोगों की मदद कर सके।

तो इस तरह के समाजसेवी लोग एनजीओ में अपनी ओर से योगदान अर्थात फंडिंग देते हैं, बदले में उन्हें कई बार सरकार और एनजीओ के द्वारा सम्मानित भी किया जाता है।

(IV) सार्वजनिक अनुदान

सार्वजनिक से भी एनजीओ को फंडिंग मिलता है जिसके लिए एनजीओ तरह-तरह के इवेंट्स करवाते हैं जिनमें कई सारे लोग इवेंट में शामिल होते हैं।

इवेंट के दौरान एनजीओ में उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से संबंधित विषयों के बारे में जागरूक करते हैं तो उन्हीं में से कई लोग एनजीओ को अपनी ओर से योगदान देते हैं।

(V) सरकारी अनुदान

एनजीओ को सरकार के द्वारा भी फंडिंग मिलता है जब एनजीओ का काम सरकार की नजर में आता है तब उस NGO को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाता है और फिर सरकार द्वारा पंजीकृत होते हैं।

(VI) CSR अनुदान

CSR का फुल फॉर्म Corporate Social Responsibility होती है जिसका तात्पर्य यह है कि देश के तमाम प्रकार के प्राइवेट कंपनियां या ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा सामाजिक कल्याण के लिए वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना और फिर एनजीओ जैसी संस्थाओं में डोनेट करना।

अधिनियम साल 2013 के तहत, विभिन्न प्राइवेट कंपनियों के औसत शुद्ध लाभ(Avg. Turnover) में 2% का योगदान प्रदान करना एक अनिवार्य प्रावधान है।

2. अंतर्राष्ट्रीय अनुदान

एनजीओ अंतरराष्ट्रीय अनुदान से भी फंडिंग मिल जाता है लेकिन इसके लिए एनजीओ को FCRA अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत कराना होता है तभी वह विदेशों से वित्तीय सेवाएं प्राप्त कर सकता है।

FCRA का पूरा नाम Foreign Contribution Regulation Act होता है जो एक प्रकार का अधिनियम है जिसे भारत सरकार द्वारा 2010 में लागू किया गया था।

FCRA का मुख्य उद्देश्य विदेशी कंपनियों या विदेशी नागरिकों से भारतीय कंपनियों और व्यक्तियों को वित्तीय योगदान (विदेशी धन) प्राप्त करने, उपयोग करने, और उसके इस्तेमाल के लिए नियमन और नियंत्रण का प्रबंधन करना है।

NGO के बारे में जानकारी | NGO Ke Bare Mein Jankari

एनजीओ (NGO) का पूरा नाम “Non-Governmental Organization” होता है।

एक एनजीओ एक स्वतंत्र संगठन होता है जो सामाजिक कल्याण के लिए सेवा करती है जैसे पीड़ित लोग, अनाथ बच्चे, विधवा महिलाएं, दिव्यांग लोग और गरीब असहाय बुजुर्ग लोगों के लिए दिन रात उनकी सेवा के लिए तत्पर रहती है।

इसके अलावा एनजीओ वातावरणीय, सांस्कृतिक बचाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अपना योगदान देती है।

NGO के नाम से स्पष्ट किया जा सकता है कि यह सरकारी संस्था नहीं है।

अंतिम शब्द

दोस्तों, हमें उम्मीद है कि इस पोस्ट में दी गई जानकारी एनजीओ में पैसा कहां से आता है आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित हुआ होगा और आपको कुछ न कुछ नॉलेज भी मिली होगी।

अगर आपको जानकारी अच्छी लगी हो तो आप अपने दोस्तों को भी जरूर शेयर कर दें जो एनजीओ में जॉब करना चाहते हैं या फिर अपना एनजीओ शुरू करने की सोच रहे हो।

और एक बात अगर पोस्ट अच्छी लगी हो या फिर पोस्ट में कोई त्रुटि हो तो आप हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं।

धन्यवाद !

FAQ

Q1. एनजीओ को पैसा कौन देता है?

एनजीओ को राष्ट्र के अंतर्गत व्यक्तिगत, जनसमूह और विभिन्न कंपनियों के द्वारा पैसा मिलता है, इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विदेशी संगठनों एवं विदेशी व्यक्तियों के द्वारा भी एनजीओ को पैसा मिलता है।

Q2. क्या एनजीओ मालिकों को भुगतान मिलता है?

नहीं, किसी भी गैर-लाभकारी संस्था यानी एनजीओ के संस्थापकों को संस्था से होने वाली कमाई से लाभ प्राप्त करने की अनुमति नहीं है। हालांकि, संस्थापक अतिरिक्त तरीकों से कमाई कर सकता है।

Q3. एनजीओ में कितने सदस्य हो सकते हैं?

एक एनजीओ को सफल बनाने एवं पंजीकृत कराने के लिए न्यूनतम 7 सदस्य होनी चाहिए।

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